Page 68 - E-Magazine - ISS 2025
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ग मय का सबस े यादगार अन ु भव
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ग मय क े सबस े यादगार अनभव म स े एक
पा रवा रक क ै ि प ग या ा ह ै । धप भरी सबह, हर े -भर े
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प े ड़ और चमचमाती न दय स े घरी घमावदार सड़क
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स े गजरत े ए। क पसाइट पर तब लगान े और शाम को
क पफायर क े आसपास इक ा होन े का उ साह
अ व मरणीय था। प रवार क े साथ डरावनी कहा नया ँ
साझा करन े स े ायी याद बन गई थी । दन क े
दौरान क त क खोज, ल ं बी प ै दल या ा क े रा त े
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और व य जीवन को द े खन े स े रोमा ं च और बढ़ गया ।
आज़ादी, हसी और बाहर क सदरता क भावना न े
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इस गम को यादगार बनाया |
नै नका नायक
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