Page 73 - E-Magazine - ISS 2025
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िकसानों का गाँव, हमारा िहंदु ान






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                              क ीर क पहाड ़  से करल क तट पर
                                               े
                                                                               े
                                       े
                      गुजरात क जंगल से अ णाचल क  झीलों तक

                                    हर गाँव क  है अपनी िवशषता
                                                                                 े


                             हर गाँव म  बसता है, िहंदु ान हमारा।





                                     जब आती है बात एक  क ,


                                                 ू
                               हम  ों भल जाते ह  गाँवो का मह


                               हम  ों चाहते ह  गाँवो से दूर रहना,


                            जब वहीं बसता है हमारा असली गहना।





                                                                                             े
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                           व गाँव क िकसान जो भरते ह  हमारा पट,
                       व ही ह  भारत क  आ ा और हमार परमा ा।
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                                                                                   े

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                                        इनक ही गाँव म  बसता है,

                                               िहंदु ान हमारा।









                                                           नेहा अंटाला


                                                                 X A


                                                                                                            73
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